मेरा सुकून
खुशियां तो हमने बहुत बाटीं है आपसे,
चलो आज अपने ' सुकून ' का मतलब समझाते हैं ||
जब रात को छत पर जाते ही वो अक्सर अधूरा दिखने वाला चाँद, पूरा नज़र आ जाए , दूधिया सा सफ़ेद,
इतना खूबसूरत कि आपको अपनी आँखों के होने की खुशनसीबी का एहसास होने लगे , वो सुकून है ||
जब मीलों दूर बैठे उन गिने चुने ४-५ लोगों की खैरियत का अंदाजा ,
संचार सेवा आपके कान के पर्दों को कराने लगे, वो सुकून है ||
जब वो दोनों हाथों की उंगलियां जो आपस में साथ चलने को राज़ी नहीं |
कोशिशों बाद आपस में इस कदर घुल मिल जाएँ कि उनकी चाल से संगीत निकलने लगे , वो सुकून है ||
जब चलते राहगीर की कुछ मदद करने पर,
बिना मांगे तरक्की की दुआ मिलने लगे, वो सुकून है ||
जब किसी तस्वीर को एक कागज़ से दूसरे कागज़ पर उतारने की कोशिश में,
उस तस्वीर से बेइन्तिहाँ प्यार होने लगे, वो सुकून है ||
जब खाली सड़क और सर्द मौसम का मिज़ाज़ , एक साथ इस कदर दस्तक दे ,
कि तीखे मोड़ से बेफिक्र आँखें खुद को मूँद, खुदा का शुक्रिया अदा करने लगे, वो सुकून है ||
जब कोई शब्दों का जादूगर, अपना करतब दिखा रहा हो,
और ये जादू का शौक़ीन, उस जादू के करीब होने लगे, वो सुकून है ||
जब मन में हिचकिचाहट और हौसले की बाज़ी लगी हो ,
और उस हौसले के हिस्से, थोड़ी सी हिम्मत और नसीब होने लगे, वो सुकून है ||
जब एक कारीगर की तारीफ़ उसके नाम या पहचान से नहीं ,
बल्कि उसके काम को नज़र होने लगे, वो सुकून है ||
क्यूंकि ढेर सारी खुशियां, आपका खून भले ही बढ़ाती हो ,
लेकिन वो कुछ थोड़े से पल, जिसमें जिंदगी पूरी लगने लगे, वो सुकून है ||
- GG

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