जादू !

चलो तुमको बीते दिनों का एक किस्सा सुनाते हैं | किस्सा यूं कि हम थे अपने सफर पे सवार, होठों पर गीत के बोल गुनगुनाते हुए - " मिलो ना तुम ..मुझे ..कभी " कि तभी हमारी नज़र एक भीड़ पर पड़ी | भीड़ इस कदर थी कि मानो शक्कर के दाने पर चीटियो का प्रहार | बचते बचाते, बड़ी ही सावधानी से चीटियों को हटाकर देखा तो शक्कर का टुकड़ा था - एक जादूगर |

जादूगर - ऐसे कलाकार जो किसी तरह से कुछ तो करते है कि कभी चीज़ें ओझल हो जाती हैं तो कभी डबल | बचपन से हम इनके इस कदर शौक़ीन थे कि मानो वो जादू टीवी के अंदर से हमारे ऊपर ही हो रहा हो | नज़रें हटती नहीं थी और हाथ बन जाते थे कलाकार, जैसे कला को दोहराने से ही जादू होने वाला हो |
 
अब वहाँ देखा तो उसके जादू और रंगीन लिवाज़ के आगे, पूरी भीड़ में हम थे नजरअंदाज | " अरे जादू वाले भैया, कुछ नया और अच्छा दिखाओगे या वही पुरानी कलाबाज़ी " गले से इतना तेज़ निकल गया कि पूरी भीड़ की निगाहें हमारी तरफ, जैसे अगले जादू के करतब की बारी हमारी |

"अरे भैया ! हम तो ये बोल रहे थे कि मजा आ रहा है दिखाते रहिये " - कहकर जैसे-तैसे टाले और चुपके से आगे आकर बैठ गए | फिर आँखों के सामने दिखी एक से बेहतर एक जादू की कला - जादू ऐसे कि सब कुछ आपके सामने है भी और नहीं भी | हम पूरी टकटकी लगाके देखते रहते कि कुछ तो पकड़ ही लेंगे इसके पीछे का राज , लेकिन हर बार कुछ नया और पहले से बेहतरीन | मानो आँखों के सामने खुद की ज़िन्दगी चल रही हो कि सब कुछ पता भी है कि क्या हो रहा लेकिन कैसे - ये पता नहीं | मज़े वाले पल अब सुकून में बदल रहे थे| सुकून इस बात का था कि वो सब पल हम जी पा रहे थे जिसके हम बचपन से शौक़ीन थे, TV पर नहीं , बल्कि खुद के सामने | सब कुछ एक तरह से स्थिर सा हो गया, बस आप हैं और आपका जादू | मानो वो जादू भी आप ही कर रहे हैं और किसी को कोई खबर ही नहीं |

आज का जादू ख़त्म होने ही वाला था कि हमने चुपके से उसके झोले में झाँक कर देखा |" खिलोने तो काफी पड़े हैं लेकिन आज दिखाए नहीं | बचा के रखे होंगे शायद आगे के लिए " - हमारे उस बचकाने दिल को लगा और मन में एक बात भी बैठ गयी कि खिलोने बड़े अच्छे थे तो आगे के जादू भी बहुत अच्छे ही होंगे | बस इसी उम्मीद में रोज़ उस गली के नुक्कड़ को देखने निकल जाते हैं कि कहीं कोई जादू रह ना जाए |
                                                                                                                   
जानते हो हम किस जादू की बात कर रहे हैं - कहानियों की | 

तरह तरह के शब्दों के रंग में सजाकर, आवाज़ को किरदार के गले से उतारकर और बिलकुल सटीक मात्रा में जज़्बातों को मिलाकर, जब कोई कहानी सुनाता है न, कसम से वो पल किसी जादू से कम नहीं होता |💗

                                                                                  - GG (gg safar express) 













(Dedicated to all the storytellers, writers and many other such magicians 😅 )

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